रामसुमेर
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रामसुमेर Natmedo पर व्रत-त्योहार, पूजा विधि और धार्मिक तीर्थों से जुड़े लेख लिखते हैं। उनके लेखों का उद्देश्य इन विषयों की जानकारी सरल हिंदी में पाठकों तक पहुँचाना है।
रामसुमेर के लेख
खाटू श्याम दर्शन का समय: मंदिर कब खुलता है और आरती कब होती है?
खाटू श्याम मंदिर की गर्मी और सर्दी की प्रकाशित दर्शन समय-सारणी, पाँचों आरतियों का क्रम और अपनी यात्रा के लिए सही समय तय करने की जानकारी।
12 राशियों के नाम, क्रम और स्वामी: कुंडली के अंक पढ़ना सीखें
कुंडली में लिखा 4 कर्क राशि बताता है और 10 मकर राशि। बारह राशियों का क्रम, उनके चिह्न और स्वामी ग्रह सीखें, फिर उदाहरणों से राशि और भाव का अंतर पहचानें।
नौ ग्रह क्या बताते हैं? सूर्य से केतु तक कारकत्व समझें
चंद्रमा मन का, बुध बुद्धि का और गुरु ज्ञान का कारक है—लेकिन इनका अंतर कैसे समझें? नौ ग्रहों के मुख्य कारकत्व, कुंडली में उनके संकेत और विषय पहचानने का अभ्यास करें।
ज्योतिष सीखना कहाँ से शुरू करें? ग्रह, राशि और भाव की पहली समझ
कुंडली पढ़ने से पहले ग्रह, राशि और भाव का अंतर समझना जरूरी है। इस पहले पाठ में नौ ग्रहों, बारह राशियों और बारह भावों का परिचय एक आसान अभ्यास उदाहरण से सीखें।
रत्न कब बदलना चाहिए? मोती की आभा से नीलम की अवधि तक
हर रत्न को बदलने का समय एक जैसा नहीं है। कहीं अवधि धारण के दिन से गिनी जाती है, कहीं अंगूठी में जड़ने से। नौ रत्नों की अवधि और मोती की आभा से जुड़ा अलग नियम समझें।
हकीक के रंग और सुलेमानी पत्थर: दोनों का संबंध समझें
हकीक लाल, काले, सफेद और पीले सहित कई रंगों में मिलता है। सुलेमानी इसी का एक भेद है। इसके रंग, मोम जैसी चमक, धारियों वाले प्रकार और सुलेमानी पत्थर की धारण विधि विस्तार से समझें।
लहसुनिया की चमकती धारी में क्या है खास? केतु के रत्न को जानें
बिल्ली की आँख जैसी चमकती धारी लहसुनिया की खास पहचान है। केतु से जुड़े इस रत्न के रंग, गुण-दोष, ज्योतिषीय उपयोग और अंगूठी में धारण करने का पूरा क्रम जानिए।
नीलम पहनने से पहले जानें: नीले रंग की परख और शनि का धारण विधान
नीलम की गहरी नीली आभा जितनी आकर्षक है, उसका चयन उतना ही ध्यान माँगता है। इसके रंग, साफपन, दोष और शनि से जुड़े धारण-विधान को विस्तार से समझें।
हीरे की चमक में क्या खास है? रंग-भेद, शुक्र से संबंध और धारण विधि
हीरे का आकर्षण उसकी साफ चमक और प्रकाश में उभरती रंगीन झलक में है। इसके रंग-भेद, पुराने नाम, गुण-दोष और शुक्र से जुड़े धारण-विधान को विस्तार से समझें।
पुखराज क्यों पहनते हैं? गुरु के रत्न की विशेषताएँ और पहनने का विधान
पुखराज का रंग हल्के नींबू से गहरे केसरिया पीले तक होता है। गुरु के इस रत्न की चमक, तराश, गुण-दोष, सुनहले से अंतर और अंगूठी में धारण करने की विधि विस्तार से जानें।
पन्ना कैसा होना चाहिए? रंग, चमक और बनावट से समझें इसकी खूबियाँ
पन्ने की हरियाली में तोते के पंख से लेकर मोरपंख तक कई रंगतें दिखाई देती हैं। जानिए इसकी चमक, तराश और दोषों का विवरण, बुध से संबंध तथा धारण की पारंपरिक विधि।
लाल मूँगा क्यों पहनते हैं? मंगल का रत्न, उसके गुण और उपयोग
ज्योतिष में मूँगा मंगल का रत्न है। इसकी लाल और सिंदूरी आभा, चिकनी सतह तथा चमकदार रूप इसे विशिष्ट पहचान देते हैं; अंगूठी या माला में धारण करने के साथ आभूषणों में भी इसका उपयोग होता है।