रत्न
नवरत्न और उपरत्न का परिचय, उनके गुण-दोष, धारण विधि और लग्न के अनुसार चयन की जानकारी।
नवरत्न
सभी लेख देखें →लहसुनिया की चमकती धारी में क्या है खास? केतु के रत्न को जानें
बिल्ली की आँख जैसी चमकती धारी लहसुनिया की खास पहचान है। केतु से जुड़े इस रत्न के रंग, गुण-दोष, ज्योतिषीय उपयोग और अंगूठी में धारण करने का पूरा क्रम जानिए।
नीलम पहनने से पहले जानें: नीले रंग की परख और शनि का धारण विधान
नीलम की गहरी नीली आभा जितनी आकर्षक है, उसका चयन उतना ही ध्यान माँगता है। इसके रंग, साफपन, दोष और शनि से जुड़े धारण-विधान को विस्तार से समझें।
हीरे की चमक में क्या खास है? रंग-भेद, शुक्र से संबंध और धारण विधि
हीरे का आकर्षण उसकी साफ चमक और प्रकाश में उभरती रंगीन झलक में है। इसके रंग-भेद, पुराने नाम, गुण-दोष और शुक्र से जुड़े धारण-विधान को विस्तार से समझें।
पुखराज क्यों पहनते हैं? गुरु के रत्न की विशेषताएँ और पहनने का विधान
पुखराज का रंग हल्के नींबू से गहरे केसरिया पीले तक होता है। गुरु के इस रत्न की चमक, तराश, गुण-दोष, सुनहले से अंतर और अंगूठी में धारण करने की विधि विस्तार से जानें।
पन्ना कैसा होना चाहिए? रंग, चमक और बनावट से समझें इसकी खूबियाँ
पन्ने की हरियाली में तोते के पंख से लेकर मोरपंख तक कई रंगतें दिखाई देती हैं। जानिए इसकी चमक, तराश और दोषों का विवरण, बुध से संबंध तथा धारण की पारंपरिक विधि।
लाल मूँगा क्यों पहनते हैं? मंगल का रत्न, उसके गुण और उपयोग
ज्योतिष में मूँगा मंगल का रत्न है। इसकी लाल और सिंदूरी आभा, चिकनी सतह तथा चमकदार रूप इसे विशिष्ट पहचान देते हैं; अंगूठी या माला में धारण करने के साथ आभूषणों में भी इसका उपयोग होता है।
मोती रत्न: चंद्रमा से संबंध, गुण-दोष और आठ पारंपरिक प्रकार
मोती की सुंदरता उसकी उजली आभा, चिकनी सतह और सौम्य चमक में दिखाई देती है। भारतीय रत्न-परंपरा में इसे चंद्रमा का रत्न माना गया है और इसके लिए ‘मुक्ता’ नाम भी प्रयुक्त होता है।
माणिक्य रत्न क्या है? रंग, पहचान और सूर्य से संबंध
माणिक्य लाल रंग का रत्न है, जिसे अंग्रेजी में रूबी (Ruby) कहते हैं। भारतीय ज्योतिषीय परंपरा में इसे सूर्य का रत्न माना जाता है। अंगूठियों और दूसरे आभूषणों में इसका उपयोग होता है।
नवरत्न क्या हैं? नौ रत्नों के नाम और उनका ग्रहों से संबंध
नवरत्न नौ विशेष रत्नों का समूह है, जिन्हें भारतीय ज्योतिषीय परंपरा में नवग्रहों से जोड़ा जाता है। ये नौ रत्न हैं—माणिक्य, मोती, मूँगा, पन्ना, पुखराज, हीरा, नीलम, गोमेद और लहसुनिया।