पूजा सामग्री लिस्ट: सामान्य पूजा में क्या-क्या चाहिए?
घर पर सामान्य पूजा करने के लिए बहुत अधिक सामग्री की आवश्यकता नहीं होती। रोज की पूजा में दीपक, धूप, जल, चंदन, रोली, अक्षत, पुष्प और नैवेद्य जैसी मूल सामग्री पर्याप्त होती है। विशेष पूजा, व्रत या त्योहार के अनुसार सामग्री में कुछ अतिरिक्त वस्तुएं जोड़ी जाती हैं।
सामग्री को पूजा के सही क्रम के साथ जोड़कर देखने के लिए पूजा विधि — सम्पूर्ण मार्गदर्शिका पढ़ें।
इस लेख में सामान्य दैनिक पूजा, पंचोपचार पूजा, कलश स्थापना, पंचामृत और आरती के लिए आवश्यक पूजा सामग्री की पूरी सूची दी गई है, ताकि पूजा से पहले आपको अलग-अलग जगह सामग्री खोजने की आवश्यकता न पड़े।
सामान्य पूजा सामग्री की सूची
नीचे दी गई सामग्री घर की दैनिक पूजा और सामान्य देवी-देवता पूजन के लिए उपयोगी है। रोज की पूजा का पूरा क्रम जानने के लिए घर पर दैनिक पूजा विधि पढ़ें।
1. पूजा-स्थान से जुड़ी सामग्री
- पूजा की चौकी।
- चौकी पर बिछाने के लिए स्वच्छ कपड़ा।
- देवी-देवताओं की मूर्ति या तस्वीर।
- पूजा का आसन।
- पूजा की थाली।
- छोटी कटोरियां।
- जल रखने का पात्र।
- आचमन के लिए चम्मच।
- आरती की थाली।
- घंटी।
- शंख, यदि घर में उपलब्ध हो।
- माचिस या लाइटर।
पूजा की चौकी और आसन हमेशा साफ रखें। मूर्ति या तस्वीर को ऐसे स्थान पर रखें जहां दीपक, धूप और नैवेद्य आसानी से अर्पित किया जा सके।
2. दीपक और प्रकाश की सामग्री
- मिट्टी या धातु का दीपक।
- घी या तेल।
- रुई की बाती।
- कपूर।
- मोमबत्ती, आवश्यकता के अनुसार।
- दीपक रखने की छोटी थाली।
दैनिक पूजा में घी या तेल का दीपक जलाया जाता है। घर की परंपरा के अनुसार घी या तेल का उपयोग करें। दीपक को हमेशा सुरक्षित स्थान पर रखें।
3. धूप और सुगंध की सामग्री
- अगरबत्ती।
- धूपबत्ती।
- धूप।
- धूपदान।
- कपूर।
- इत्र, विशेष पूजा में।
धूप और अगरबत्ती पूजा-स्थान में सुगंध के लिए उपयोग की जाती हैं। धूपदान को ऐसे स्थान पर रखें जहां उससे आसपास की वस्तुओं को नुकसान न हो।
4. तिलक और पूजन सामग्री
- चंदन।
- रोली।
- कुमकुम।
- हल्दी।
- सिंदूर, संबंधित देवता की पूजा के अनुसार।
- अक्षत यानी साबुत चावल।
- अबीर और गुलाल, विशेष पर्वों पर।
- केसर, विशेष पूजा में।
- मौली या कलावा।
- जनेऊ, विशेष पूजा में।
अक्षत के लिए टूटे हुए चावल के बजाय साबुत चावल का उपयोग किया जाता है। चावल को साफ करके पूजा की थाली में रखें।
5. फूल और पूजा-पत्र
- ताजे फूल।
- फूलों की माला।
- तुलसी दल।
- बेलपत्र।
- दूर्वा।
- आम के पत्ते।
- पान के पत्ते।
- कमल या अन्य विशेष फूल, संबंधित पूजा के अनुसार।
फूल और पत्र हमेशा ताजे और साफ होने चाहिए। सभी फूल हर देवी-देवता को नहीं चढ़ाए जाते, इसलिए देवता-विशेष की पूजा के अनुसार फूल चुनें।
6. जल और कलश की सामग्री
- स्वच्छ जल।
- गंगाजल।
- तांबे, पीतल या मिट्टी का कलश।
- कलश रखने के लिए थाली।
- आम या अशोक के पत्ते।
- नारियल।
- मौली।
- अक्षत।
- रोली या कुमकुम।
- सिक्का, परंपरा के अनुसार।
- सुपारी, परंपरा के अनुसार।
दैनिक पूजा में केवल जल का पात्र भी पर्याप्त हो सकता है। कलश की आवश्यकता विशेष पूजा, व्रत, त्योहार या संकल्प-पूजन में अधिक होती है।
नैवेद्य और प्रसाद की सामग्री
भगवान को अर्पित करने के लिए निम्न में से कोई भी सात्त्विक सामग्री रख सकते हैं:
- फल।
- मिठाई।
- मिश्री।
- गुड़।
- दूध।
- दही।
- माखन।
- खीर।
- हलवा।
- पंचामृत।
- सूखे मेवे।
- घर का सात्त्विक भोजन।
- नारियल।
- केला।
- सेब।
- अंगूर।
- मौसमी फल।
नैवेद्य हमेशा साफ बर्तन में रखें। पूजा के बाद इसे प्रसाद के रूप में परिवार के सदस्यों में बांटा जा सकता है।
पंचामृत बनाने की सामग्री
पंचामृत पांच प्रमुख पदार्थों से बनाया जाता है:
- दूध।
- दही।
- घी।
- शहद।
- शक्कर या मिश्री।
पंचामृत बनाने की विधि
एक साफ पात्र में दूध, दही, घी, शहद और शक्कर या मिश्री मिलाएं। पंचामृत को पूजा में नैवेद्य के रूप में रखा जा सकता है या देवता के अभिषेक में उपयोग किया जा सकता है।
पंचामृत की मात्रा पूजा और परिवार की आवश्यकता के अनुसार रखें। इसे बनाने के बाद साफ चम्मच से ही उपयोग करें।
पंचोपचार पूजा सामग्री
पंचोपचार पूजा में भगवान को पांच मुख्य उपचार अर्पित किए जाते हैं:
| उपचार | अर्पण |
|---|---|
| गंध | चंदन |
| पुष्प | फूल |
| धूप | धूप या अगरबत्ती |
| दीप | घी या तेल का दीपक |
| नैवेद्य | फल, मिठाई या सात्त्विक भोग |
पंचोपचार पूजा के लिए आवश्यक सामग्री
- चंदन।
- ताजे फूल।
- धूप या अगरबत्ती।
- दीपक, घी या तेल और बाती।
- फल या मिठाई।
- जल।
- पूजा की थाली।
- अक्षत।
- रोली या कुमकुम।
दैनिक घर की पूजा में पंचोपचार पूजा सरल और सुविधाजनक मानी जाती है। इसमें कम सामग्री में भगवान का पूजन किया जा सकता है।
षोडशोपचार पूजा सामग्री
षोडशोपचार पूजा पंचोपचार की तुलना में विस्तृत होती है। इसमें भगवान को सोलह प्रकार के उपचार अर्पित किए जाते हैं।
सामान्य षोडशोपचार सामग्री:
- जल।
- आसन।
- पाद्य के लिए जल।
- अर्घ्य के लिए जल।
- आचमन के लिए जल।
- स्नान या अभिषेक का जल।
- पंचामृत।
- वस्त्र।
- यज्ञोपवीत।
- चंदन।
- अक्षत।
- पुष्प।
- धूप।
- दीपक।
- नैवेद्य।
- फल।
- तांबूल।
- पान।
- सुपारी।
- दक्षिणा।
- आरती की सामग्री।
षोडशोपचार पूजा विशेष अवसरों, व्रतों, त्योहारों और देवता-विशेष की विस्तृत पूजा में की जाती है। सामान्य दैनिक पूजा के लिए इसकी सभी सामग्री आवश्यक नहीं होती। दोनों पद्धतियों का तुलनात्मक स्वरूप पंचोपचार और षोडशोपचार में अंतर लेख में देखें।
आरती के लिए पूजा सामग्री
आरती करने के लिए निम्न सामग्री रखें:
- आरती की थाली।
- घी या तेल का दीपक।
- रुई की बाती।
- कपूर।
- अगरबत्ती या धूप।
- घंटी।
- पुष्प।
- चंदन या रोली।
- नैवेद्य या प्रसाद।
आरती की थाली को साफ रखें। कपूर और दीपक को सावधानी से जलाएं और आरती के बाद आग को सुरक्षित स्थान पर रखें।
कलश स्थापना की सामग्री
कलश स्थापना के लिए सामान्यतः ये सामग्री उपयोग की जाती है:
- कलश।
- स्वच्छ जल।
- गंगाजल।
- आम या अशोक के पत्ते।
- नारियल।
- मौली या कलावा।
- रोली।
- अक्षत।
- हल्दी।
- सुपारी।
- सिक्का।
- फूल।
- दूर्वा।
- चंदन।
- कलश रखने के लिए चावल या अनाज।
- लाल या पीला कपड़ा।
कलश स्थापना की सामग्री पूजा और त्योहार के अनुसार अलग हो सकती है। नवरात्रि, गृहप्रवेश, दीपावली और विशेष अनुष्ठानों में कलश का उपयोग अलग-अलग विधि से किया जाता है।
सामान्य पूजा की चेकलिस्ट
पूजा से पहले यह छोटी चेकलिस्ट देख लें:
- मूर्ति या तस्वीर।
- पूजा की चौकी।
- स्वच्छ कपड़ा।
- पूजा का आसन।
- जल का पात्र।
- चम्मच।
- दीपक।
- घी या तेल।
- रुई की बाती।
- धूप या अगरबत्ती।
- कपूर।
- चंदन।
- रोली या कुमकुम।
- हल्दी।
- अक्षत।
- फूल।
- तुलसी, बेलपत्र या दूर्वा।
- फल या मिठाई।
- पूजा की थाली।
- आरती की थाली।
- घंटी।
- माचिस या लाइटर।
दैनिक पूजा के लिए न्यूनतम सामग्री
यदि आप रोज की पूजा बहुत सरल तरीके से करना चाहते हैं तो केवल ये सामग्री पर्याप्त है:
- भगवान की तस्वीर या मूर्ति।
- स्वच्छ जल।
- दीपक।
- घी या तेल।
- रुई की बाती।
- पुष्प।
- अक्षत।
- फल या थोड़ा प्रसाद।
- धूप या अगरबत्ती, यदि उपलब्ध हो।
इन सामग्रियों से दीपक, धूप, पुष्प, जल और नैवेद्य अर्पित करके दैनिक पूजा की जा सकती है।
देवता के अनुसार विशेष सामग्री
भगवान शिव की पूजा सामग्री
- जल।
- दूध, विशेष अभिषेक में।
- बेलपत्र।
- धतूरा, परंपरा के अनुसार।
- आक के फूल, परंपरा के अनुसार।
- चंदन।
- अक्षत।
- पुष्प।
- धूप।
- दीपक।
- फल या नैवेद्य।
शिव पूजा की विस्तृत विधि, मंत्र और भोग भगवान शिव पूजा विधि लेख में देखें।
भगवान गणेश की पूजा सामग्री
- दूर्वा।
- लाल पुष्प।
- सिंदूर।
- चंदन।
- अक्षत।
- मोदक या लड्डू।
- फल।
- धूप।
- दीपक।
- नैवेद्य।
माता लक्ष्मी की पूजा सामग्री
- कमल या अन्य पुष्प।
- कुमकुम।
- हल्दी।
- अक्षत।
- दीपक।
- धूप।
- फल।
- मिठाई।
- पंचामृत।
- नारियल।
- पान और सुपारी।
- सिक्के।
- लाल या पीला कपड़ा।
भगवान विष्णु की पूजा सामग्री
- तुलसी दल।
- पीले फूल।
- चंदन।
- अक्षत।
- पीले वस्त्र, विशेष पूजा में।
- फल।
- पंचामृत।
- धूप।
- दीपक।
- नैवेद्य।
भगवान हनुमान की पूजा सामग्री
- सिंदूर।
- चमेली का तेल।
- लाल पुष्प।
- गुड़।
- चना।
- चंदन।
- धूप।
- दीपक।
- फल।
- नैवेद्य।
माता दुर्गा की पूजा सामग्री
- लाल पुष्प।
- कुमकुम।
- सिंदूर।
- लाल चुनरी।
- नारियल।
- फल।
- मिठाई।
- अक्षत।
- धूप।
- दीपक।
- नैवेद्य।
देवता-विशेष की सामग्री क्षेत्र और परिवार की परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है। किसी विशेष व्रत या त्योहार में उसी पूजा की अलग सामग्री सूची तैयार की जाती है।
पूजा सामग्री खरीदते समय ध्यान रखने वाली बातें
- पूजा सामग्री खरीदते समय साफ, ताजी और अच्छी गुणवत्ता वाली वस्तुएं लें।
- फूल ताजे और बिना बदबू के हों।
- चावल साफ और साबुत हों।
- घी या तेल अच्छी गुणवत्ता का हो।
- कपूर शुद्ध और सुरक्षित पैकिंग वाला लें।
- फल कटे या खराब न हों।
- पंचामृत की सामग्री ताजी हो।
- पूजा के लिए अलग साफ थाली और पात्र रखें।
- धूप और अगरबत्ती को सूखी जगह पर रखें।
- कपूर और माचिस बच्चों से दूर रखें।
- पूजा के बाद उपयोग होने वाली सामग्री को साफ स्थान पर रखें।
क्या पूजा की सारी सामग्री जरूरी होती है?
नहीं, सामान्य दैनिक पूजा के लिए सारी सामग्री आवश्यक नहीं होती। यदि आपके पास जल, दीपक, पुष्प और नैवेद्य है तो भी पूजा की जा सकती है।
विशेष सामग्री तभी जोड़ें जब आप किसी विशेष देवता, व्रत या त्योहार की पूजा कर रहे हों। उदाहरण के लिए, शिव पूजा में बेलपत्र, गणेश पूजा में दूर्वा, विष्णु पूजा में तुलसी और लक्ष्मी पूजा में कमल या कमल का प्रतीकात्मक उपयोग किया जाता है।
क्या पूजा सामग्री दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं?
धातु की थाली, पात्र, घंटी, दीपक और पूजा की चौकी को साफ करके दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। बचे हुए फूल, नैवेद्य और पंचामृत को दोबारा पूजा में न रखें।
बासी फूलों को पूजा-स्थान से सम्मानपूर्वक हटा दें। नैवेद्य को प्रसाद के रूप में ग्रहण करें और पंचामृत को भी उसी दिन उपयोग करना उचित है।
पूजा सामग्री की छोटी सूची
यदि आपको बाजार से केवल जरूरी सामग्री खरीदनी हो तो यह सूची साथ ले जाएं:
- दीपक।
- घी या तेल।
- रुई।
- अगरबत्ती।
- कपूर।
- चंदन।
- रोली।
- हल्दी।
- अक्षत।
- फूल।
- फल।
- मिठाई।
- जल।
- पान।
- सुपारी।
- नारियल।
- मौली।
- तुलसी या बेलपत्र।
- पूजा की थाली।
- घंटी।
निष्कर्ष
सामान्य पूजा के लिए दीपक, धूप, जल, चंदन, रोली, अक्षत, फूल और नैवेद्य मुख्य सामग्री मानी जाती है। पंचोपचार पूजा में गंध, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित किए जाते हैं। विशेष पूजा, व्रत और त्योहारों में कलश, नारियल, पंचामृत, पान, सुपारी, मौली, वस्त्र और देवता-विशेष की सामग्री जोड़ी जाती है।
पूजा सामग्री का उद्देश्य पूजा को व्यवस्थित बनाना है। सामग्री कम होने पर भी श्रद्धा और भक्ति से पूजा की जा सकती है। इसलिए सामान्य दैनिक पूजा के लिए आवश्यक सामग्री रखें और विशेष अवसरों पर उसी पूजा के अनुसार अतिरिक्त सामग्री तैयार करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
सामान्य पूजा में सबसे जरूरी सामग्री कौन सी है?
सामान्य पूजा में जल, दीपक, घी या तेल, रुई की बाती, धूप, चंदन, अक्षत, फूल और नैवेद्य सबसे जरूरी सामग्री मानी जाती है।
क्या पूजा बिना फूल के कर सकते हैं?
हां, फूल उपलब्ध न होने पर जल, अक्षत और दीपक अर्पित करके पूजा की जा सकती है।
क्या पूजा में गंगाजल जरूरी है?
गंगाजल उपलब्ध हो तो पूजा में उपयोग कर सकते हैं। उपलब्ध न होने पर साफ जल से भी सामान्य पूजा की जा सकती है।
क्या पूजा में नारियल जरूरी है?
दैनिक पूजा में नारियल जरूरी नहीं है। कलश स्थापना, गृहप्रवेश, दीपावली या विशेष पूजा में नारियल का उपयोग किया जाता है।
क्या पूजा में चावल जरूरी है?
अक्षत यानी साबुत चावल कई पूजा-विधियों में उपयोग किए जाते हैं। उपलब्ध न होने पर सामान्य दैनिक पूजा दीपक, पुष्प और जल से की जा सकती है।
पंचामृत में क्या-क्या डाला जाता है?
पंचामृत में दूध, दही, घी, शहद और शक्कर या मिश्री डाली जाती है।
क्या रोज पंचामृत बनाना जरूरी है?
नहीं, दैनिक पूजा में पंचामृत बनाना आवश्यक नहीं है। इसे विशेष पूजा या अभिषेक के समय बनाया जा सकता है।
क्या पूजा सामग्री की कोई निश्चित मात्रा होती है?
दैनिक पूजा के लिए सामग्री की कोई एक निश्चित मात्रा नहीं होती। पूजा की आवश्यकता और परिवार के सदस्यों के अनुसार सामग्री रखें।
क्या पूजा सामग्री ऑनलाइन खरीद सकते हैं?
हां, पूजा सामग्री ऑनलाइन खरीदी जा सकती है। खरीदते समय सामग्री की गुणवत्ता, ताजगी और पैकिंग का ध्यान रखें।
क्या अलग-अलग देवी-देवताओं के लिए अलग सामग्री चाहिए?
कुछ सामग्री सभी पूजा में समान होती है, जैसे दीपक, धूप, जल, पुष्प और नैवेद्य। कुछ सामग्री देवता-विशेष होती है, जैसे शिव पूजा में बेलपत्र, गणेश पूजा में दूर्वा और विष्णु पूजा में तुलसी।